वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए
चिनार पार्क में गढ्ढे में गिरी कैब और आरजी कर अस्पताल में घुसा पानी
कोलकाता। महानगर कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों में रविवार सुबह हुई कुछ ही घंटों की मूसलाधार बारिश और तेज आंधी ने एक बार फिर शहरी बुनियादी ढांचे और जलनिकासी व्यवस्था की कलई खोलकर रख दी है। इस अचानक आई आफत ने जहां एक तरफ जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया, वहीं दूसरी तरफ शहर के अलग-अलग कोनों से दिल दहला देने वाले सड़क हादसे और जलभराव की गंभीर तस्वीरें सामने आई हैं। रविवार तड़के रेड रोड पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की मौजूदगी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह के सफलतापूर्वक संपन्न होने के ठीक बाद मौसम ने करवट ली और आसमान में घने काले बादल छा गए। इसके बाद हुई करीब दो घंटे की भारी बारिश के कारण शहर के कई प्रमुख मार्ग तालाब में तब्दील हो गए, जिससे राहगीरों, वाहन चालकों और विशेष रूप से दोपहर दो बजे राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) देने जा रहे परीक्षार्थियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
इस मूसलाधार बारिश के बीच सबसे दर्दनाक और खौफनाक हादसा महेशतला के बजबज ट्रंक रोड स्थित मोल्लार गेट मोड़ पर हुआ। यहाँ एक व्यक्ति मूसलाधार बारिश से बचने के लिए निर्माणाधीन फ्लाईओवर के पिलर नंबर 109 के नीचे शरण लिए खड़ा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इसी दौरान जिनजीरा बाजार की ओर से आ रहा एक तेज रफ्तार डंपर सड़क पर फिसलन होने के कारण पूरी तरह अनियंत्रित हो गया। बेकाबू डंपर पहले फ्लाईओवर के पिलर की सुरक्षा दीवार (गार्डवॉल) से बेहद हिंसक तरीके से टकराया और फिर सीधे उस बेकसूर व्यक्ति को रौंदते हुए निकल गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि घायल व्यक्ति लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा, जिसे स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में पास के एक निजी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के मुताबिक व्यक्ति की जान बचाने के लिए उसका एक पैर काटना पड़ा है, जबकि दूसरे पैर की हालत भी बेहद नाजुक बनी हुई है। गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे कोलकाता के बड़े अस्पताल में रेफर किया गया है। घटना की सूचना पाकर पहुंची महेशतला-जिनजीरा जांच केंद्र की पुलिस ने डंपर को जब्त कर चालक को हिरासत में ले लिया है।
बारिश जनित हादसों का यह सिलसिला यहीं नहीं थमा। शहर के उत्तरी हिस्से कैखाली के चिनार पार्क इलाके में भी एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। यहाँ जलमग्न हो चुकी सड़क पर पानी के नीचे छिपे एक गहरे और जानलेवा गड्ढे का अंदाजा ऐप आधारित टैक्सी के ड्राइवर को नहीं लग सका, जिससे कार अचानक उस गहरे गड्ढे में समा गई। देखते ही देखते कार का आधा हिस्सा गंदे पानी में पूरी तरह डूब गया, जिससे कार के भीतर बैठे दो यात्रियों और ड्राइवर में चीख-पुकार मच गई।
स्थानीय नागरिकों ने तत्परता दिखाते हुए जान की बाजी लगाई और कार का दरवाजा तोड़कर तीनों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिसके बाद कैखाली ट्रैफिक गार्ड की पुलिस ने क्रेन की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद वाहन को पानी से बाहर निकाला। इसके अलावा, मध्य कोलकाता के चांदनी चौक इलाके में तेज आंधी के कारण एक विशालकाय पेड़ उखड़कर सीधे सेंट्रल एवेन्यू की मुख्य सड़क और बिजली के तारों पर जा गिरा, जिससे इस व्यस्त मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। कोलकाता नगर निगम और सीईएससी के कर्मियों ने करीब 45 मिनट तक कटर की मदद से पेड़ को काटकर हटाया और बिजली बहाल की। वहीं, पटुली, जादवपुर, कस्बा, शियालदह और कांकुडग़ाछी की सड़कें घुटनों तक पानी में डूब गईं। सबसे शर्मनाक स्थिति आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल परिसर में देखने को मिली, जहां वीआईपी वार्डों और परिसर के भीतर तक गंदा पानी घुस गया, जिससे मरीजों और डॉक्टरों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। इस बीच मौसम विभाग ने दक्षिण बंगाल के कई जिलों जैसे पूर्व व पश्चिम बर्दवान, बीरभूम और मुर्शिदाबाद के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और भारी वज्रपात की चेतावनी दी है, जिसने प्रशासनिक तैयारियों के दावों पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।